दस्तावेजों में बह रही ससुर खदेरी, धरातल पर सूखा नदी का अस्तित्व
प्रयागराज, सितम्बर 27 -- प्रयागराज। सरकारी दस्तावेजों में दर्ज ससुर खदेरी नदी धरातल पर अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है। कभी यमुना की यह सहायक नदी बरसात में लबालब भरती थी और आसपास के गांवों-खेतों के अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रमुख जरिया थी। आज कई हिस्सों में नदी की धारा इतनी सिमट गई है कि उसका नदी होना पहचानना भी मुश्किल है। फतेहपुर के हथगाम क्षेत्र से जुड़ी ससुर खदेरी का प्रवाह कौशाम्बी होते हुए प्रयागराज तक आता है। नदी के पुराने प्रवाह क्षेत्र में समय के साथ मिट्टी डालकर पटाई, अवैध कब्जे और निर्माण होते गए। नदी का पाट कभी एक किलोमीटर का था, जो सिकुड़कर 10 मीटर तक रह गया है। इसका प्राकृतिक प्रवाह लगभग समाप्त हो गया है। अब ससुर खदेरी नदी एक बरसाती नदी बनकर रह गई है। यह भी पढ़ें- Shahjahnpur News: लोक भारती संग प्रशासन ने अविरल कर दी भैंस...
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