दस्तावेजों के आधार पर पांचवी अनुसूची लागू करना होगा आसान
बागेश्वर, जून 9 -- देवेंद्र पांडे, बागेश्वर/गरुड़। उत्तराखंड एकता मंच की 20 दिवसीय जनजागरण यात्रा मंगलवार को गरुड़ पहुंची। इस दौरान आयोजित बैठक में मंच के संयोजक अनूप बिष्ट ने पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए राजनीतिक दलों से इसे अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने की मांग की। यह भी पढ़ें- दस्तावेजों के आधार पर पांचवी अनुसूची लागू करना होगा आसानबैठक में चर्चा उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेजों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची लागू करना संभव है। उनके अनुसार, शेड्यूल्ड डिस्ट्रिक्ट एक्ट, 1874 के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में दो महत्वपूर्ण जनजातीय कानून लागू थे। इनमें 1931 का कुमाऊं वन पंचायत अधिनियम शामिल है, जो स्थानीय निवासियों को वन संसाधनों पर अधिक...
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