दशहरे पर शमी के पत्ते बांटने की परंपरा क्यों, जानें सोने से क्या है कनेक्शन
नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- दशहरे पर रावण दहन के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन इस दिन पत्ते बांटने की परंपरा भी काफी खास है। महाराष्ट्र में विजयादशमी पर लोग एक-दूसरे को आपटा के पत्ते देते हैं। इन्हें सोना कहा जाता है। लोग इन पत्तों को देकर अपनों की खुशहाली की कामना करते हैं। वहीं, दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा भी की जाती है। इन दोनों परंपराओं के पीछे धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं।पत्तों को सोना क्यों कहते हैं? महाराष्ट्र में दशहरे के दिन आपटा के पत्ते बांटने का रिवाज है। लोग इन्हें अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों को देते हैं। इन पत्तों को सोने का प्रतीक माना जाता है। इस परंपरा के पीछे मान्यता है कि विजयादशमी पर पत्ते बांटना शुभ होता है। लोग इन्हें देकर एक-दूसरे के लिए सुख-समृद्धि और तरक्की की कामना करते हैं।शमी के पेड़ का महाभारत से ...
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