नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- विजयादशमी का अर्थ है, दशमी तिथि, लेकिन एकादशी इसके अगले दिन नहीं मनेगी, क्योंकि अगले दिन दशमी युक्ति एकादशी है, जो नहीं रखी जाती है। इसलिए एकादशी में हमेशा द्वादशी युक्त एकादशी का समय देखा जाता है। इसलिए पापाकुंशा एकादशी का पर्व कब रखा जाएगा। इसको लोगों को जानना जरूरी है। पद्म पुराण के अनुसार कहा जाता है कि इस दिन व्रत करने से मनुष्य के सभी जाने-अनजाने पाप नष्ट हो जाते हैं और वह भगवान विष्णु की कृपा पाता है। कहा जाता है कि अनेक सालों को तपस्सया जो करता है, उसकी तपस्या का फल सिर्फ पापकुंशा एकादशी के व्रत करने से मिल जाता है। एकादशी के दिन जल्दी उठना चाहिए और स्नान करना चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा से सभी पापों का नाश होता है।1000 अश्वमेध यज्ञों के बराबर फल पापांकुशा एकादशी का व्रत हर महीने में दो बार आता है, ...