दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की आराधना
गिरडीह, सितम्बर 18 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। श्री सम्मेदशिखरजी मधुबन में चल रहे दस दिवसीय दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की गई। यह भी पढ़ें- उत्तम आर्जव धर्म पर सरलता और सच्चाई का संदेशधार्मिक आयोजनों का महत्व पर्व के दौरान साधु-संतों के सानिध्य में मधुबन के विभिन्न जिनालयों एवं धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा, भक्ति सहित विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आयोजनों के कारण पूरे मधुबन का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन मधुबन में श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म के भाव को आत्मसात करने का प्रयास किया। जैन दर्शन में आर्जव का अर्थ मन, वचन और कर्म की सरलता तथा जीवन में छल-कपट और बनावट से दूर रहना माना गया है। यह भी पढ़ें- दशलक्षण महापर्व के त...
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