लखनऊ, जून 3 -- हिन्दुस्तान फालोअप केजीएमयू व पुलिस मिलकर दवा खपत का पता लगाएंगे। निजी अस्पताल व मेडिकल स्टोर में दवा की बिक्री की आशंका। लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। यह भी पढ़ें- केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग में दवा घोटाला: तीन संविदा कर्मी बर्खास्त, फार्मासिस्ट और नोडल अधिकारी निलंबितदवा घोटाले की जांच केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग में सामने आए करीब ढाई करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले की जांच अब नए और अहम मोड़ पर पहुंच गई है।दवा खपत की आशंका फर्जी मरीजों के नाम पर मंगाई गई कैंसर, आयरन और प्रोटीन की महंगी दवाएं आखिर कहां खपाई गईं? यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।कैसे होगी जांच आशंका जताई जा रही है कि दवाओं को मेडिकल स्टोरों के जरिए बेचा गया या फिर निजी अस्पतालों तक पहुंचाया गया।दवाओं का नियंत्रण यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत गंभीर मरीजों को मुफ्त उपल...