अलीगढ़, मार्च 25 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी मध्यपूर्व तनाव का असर अब आम लोगों की सेहत से जुड़ी जरूरी दवाओं पर भी पड़ सकता है। पैरासिटामोल समेत कई सामान्य उपयोग की दवाओं के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसकी मुख्य वजह दवाओं के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की कीमतों में संभावित वृद्धि है, जिसमें पेट्रोलियम आधारित रसायनों की अहम भूमिका होती है। फार्मा विशेषज्ञों के अनुसार, दवा उद्योग का बड़ा हिस्सा ऐसे केमिकल्स पर निर्भर करता है, जो पेट्रोकेमिकल्स से तैयार होते हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी रहा तो दवाओं की उत्पादन लागत बढ़ना तय माना जा रहा है। हालांकि फिलहाल बाजार में उपलब्ध दवाएं पुराने बैच की हैं, इसलिए कीमतों में तत्काल कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं क...