मेरठ, अप्रैल 8 -- दुनियाभर में दवाओं के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती है। आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग से जटिल समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है। सीसीएसयू कैंपस के प्राणीशास्त्र विभाग में 'मनुष्य और उसके पशुधन के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रगति: पोषण सुरक्षा और सतत भविष्य-2026' विषय पर नेशनल कांफ्रेंस के शुभारंभ में यह बात बतौर मुख्य अतिथि प्रो.आरसी सोबती ने कही। कहा कि पूरी दुनिया में जैव प्रौद्योगिकी के प्रयोग से दवाओं के प्रति बढ़ी प्रतिरोधक क्षमता के समाधान पर काम किया जा रहा है।जूलॉजीकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में प्रो. पापिया मंडल ने नगरपालिका ठोस अपशिष्ट कंपोस्ट का चरित्रांकन एवं परिपत्...