बेगुसराय, अप्रैल 5 -- खोदावंदपुर, निज संवाददाता। सरकार शिक्षा पर काफी जोर दे रही है। ख़ासकर समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। बच्चों को मध्याह्न भोजन, पाठ्य पुस्तकें, पोशाक राशि, छात्रवृत्ति राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। परन्तु, दलित व पिछड़ा वर्ग बाहुल्य मुहल्लों में स्कूल क़ी कमी है। इसके चलते ऐसे मुहल्ले के छोटे-छोटे बच्चे जल्दी स्कूली शिक्षा से जुड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसे मुहल्ले के छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए घर से दूर जाना पड़ता है जिससे न केवल बच्चों को बल्कि उनके अभिभावकों को भी परेशानी होती है। बताते चलें कि वर्ष 2006 में कई प्राथमिक स्कूल की स्थापना की गई थी। दलित व अत्यंत पिछड़ा वर्ग बाहुल्य मुहल्ले में खोले गए ऐसे स्कूलों को अपनी जमीन नसीब नहीं हुई। भूमि के अभाव में ऐसे स्कूलों को दूसरे स...
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