मैनपुरी, अगस्त 1 -- दलित महिला से दुष्कर्म, मारपीट करने के तीन आरोपियों पर लगाए गए आरोप अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर सका। अपर सत्र न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट जयप्रकाश ने शनिवार को इस मामले की सुनवाई पूरी की और तीनों ही आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। आरोपियों के खिलाफ 20 साल पहले बिछवां थाने में दलित महिला से मारपीट, दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। सजा का फैसला आने के बाद आरोपियों को रिहा कर दिया गया। मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान आरोपी जमानत पर चल रहे थे। बिछवां क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित महिला ने पुलिस को तहरीर देकर जानकारी दी कि 31 दिसंबर 2005 को अपने घर पर थी। तभी फारुख पुत्र जबर खां निवासी नदराला अलीगंज एटा नाम का युवक उसके पास आया और कहा कि उसका नाम अनिल यादव है और बिछवां थाने का सिपाही है, तुम लोगों के खि...