गोपालगंज, जून 24 -- गोपालगंज। शहर के विभिन्न वार्डों में स्थित मुसहर, नेटुआ और मेस्तर टोली के हजारों परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं। इन बस्तियों में रहने वाले अधिकांश लोग कहीं बाहर से आकर नहीं बसे, बल्कि पीढ़ियों से गोपालगंज के मूल निवासी हैं। बावजूद इसके बड़ी संख्या में परिवार आज भी झोपड़ियों और कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं।

परिवारों की संख्या और प्रवास वार्ड 8 और 28 की मुसहर टोली, वार्ड 2 की नेटुआ टोली, वार्ड 23 के हरखुआ, जंगलिया तथा वार्ड 10, 26 और 27 की मेस्तर टोली में करीब तीन हजार से अधिक आबादी निवास करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इनमें करीब 99 प्रतिशत परिवार यहीं के मूल निवासी हैं। उनके पूर्वज वर्षों पहले शहर के आसपास मजदूरी, सफाई कार्य और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े थे। समय के साथ उनकी बस्तियां स्थायी हो गईं, लेकिन जीवन स्तर...