दरभंगा, अप्रैल 15 -- पंकज महासेठ,दरभंगा। सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य, पूर्व सांसद एवं डीएसएमएम (दलित शोषण मुक्ति मंच) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली ने सर्किट हाउस में मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा कि आंबेडकर जयंती का महत्व केवल जयंती के रूप में सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके विचारों को स्मरण करते हुए वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर चिंतन करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि आज देश में संविधान की मूल भावना समानता, न्याय और अधिकार पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। दलितों पर बढ़ते अत्याचार, दलित बस्तियों पर बुलडोजर की कार्रवाई तथा समाज में बढ़ती असमानता हमें यह सोचने के लिए मजबूर करती है कि क्या हम बाबा साहेब के बताए मार्ग से भटक रहे हैं। यह भी पढ़ें- महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ विचार गोष्ठी नालंदा जैसी घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि महिल...
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