अररिया, अप्रैल 15 -- अररिया, निज प्रतिनिधि जिले में दलहनी फसलों के लिए जलवायु और मिट्टी उपयुक्त होने के बावजूद जिले के किसानों का दलहनी फसलों की खेती के तरफ झुकाव कम दिख रहा है। स्थिति यह है कि किसान दलहन की खेती से मुंह मोड़ने लगे हैं। दिलचस्प बात यह कि कृषि विभाग की योजना भी किसानों को दलहन की खेती के प्रति आकर्षित नहीं कर पा रहा है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारी का कहना है कि जिले में दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदानित दर पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जाता है। बताते चलें कि जिले में दलहन फसल के तौर पर मूंग, मसूर, मटर समेत अन्य दलहन फसलों की खेती होती है, लेकिन ज्यादातर किसान अपने जरूरत के हिसाब से ही करते हैं। यह भी पढ़ें- दलहन के लिए कोई स्थानीय मंडी या बाजार उपलब्ध नहीं जानकर बताते हैं कि दलहन की खेती को बढ़ावा देने में...