चतरा, जून 19 -- इटखोरी निज प्रतिनिधि। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में इटखोरी की 'आजीविका दीदियाँ' (सखी मंडल और स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ) सबसे आगे आकर एक नई क्रांति ला रही हैं। वे अब केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों के जरिए अपनी आय कई गुना बढ़ा रही हैं। दीदियां अब हर क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिख रही है। खासकर दलहन की खेती कर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणाश्रोत बन रही हैं। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आजीविका की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ।

आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल इटखोरी प्रखंड मलकपुर सीएलएफ नवादा पंचायत की राजा नरचा गाँव के आजीविका की दीदियां लगभग 5 एकड़ में मूंग खेती कर आर्थिक सशक्तिकरण की न...