गंगापार, मई 17 -- ब्लॉक के सैकड़ों पात्र किसानों को कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारियों की उदासीनता के कारण खरीफ फसल में दलहनी तिलहनी और कोदो सांवा आदि बीजों के निशुल्क वितरण योजना पर ग्रहण लगा दिया है। इसी तरह 10% तक सब्सिडी वाली कावेरी प्रजाति के धान के बीज का भी प्रचार प्रसार नहीं हो रहा है। पिछले एक मई से 10 मई के बीच प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ फसल में लिए जाने वाले दलहनी फसलो में अरहर, मूंग और उड़द के अलावा तिल और कोदो सावा आदि के बीजो के निःशुल्क मिनीकिट वितरण के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन होना था। जिसके लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकांश किसानों को कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा शुरू से ही पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाने वाले सर्वर को ही हैक कर लिया गया। अंतिम दिन 10 मई को कुछ ही किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण हो पाया जिससे पूरी योजना के मंसूबे पर पानी फि...