जमशेदपुर, अप्रैल 12 -- जमशेदपुर। दलमा वन्यजीव अभयारण्य में 27 अप्रैल को आयोजित होने वाला 'दिसुआ सेंदरा' इस वर्ष खास मायने रखेगा। इस दौरान आदिवासी समाज की सर्वोच्च महापंचायत 'लो बीर दोरबार' का आयोजन होगा, जिसे समाज अपनी पारंपरिक न्यायिक व्यवस्था का सर्वोच्च मंच मानता है।करीब 1340 ईस्वी से चली आ रही इस परंपरा की शुरुआत दलमा राजा राकेश हेंब्रम के आवास पर पूजा-अर्चना के साथ हो चुकी है। इस महापंचायत में कोल्हान के साथ ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हजारों लोग शामिल होंगे, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विवादों पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।इस वर्ष वन विभाग की नीतियों और जंगलों के पर्यटन केंद्र के रूप में विकास के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। आदिवासी समाज का आरोप है कि इससे पर्यावरण और वन्यजीवों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।सेंदरा समिति के अनुसार, यह ...