जमशेदपुर, अगस्त 8 -- प्रतिबंधित नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरेन की भूमिका केवल दस्तों के साथ चलने तक सीमित नहीं थी। वह नक्सलियों के लिए सुरक्षित रूट तैयार करने और रास्ता क्लियर करने की जिम्मेदारी निभाता था। संगठन के शीर्ष कमांडर आकाश के निर्देश पर बीरेन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह किसी भी नक्सली दस्ते के मूवमेंट से पहले पूरे इलाके की रेकी करता था। करीब 10 किलोमीटर के दायरे तक रास्ते को सुरक्षित सुनिश्चित करने के बाद ही दस्ते को आगे बढ़ने का संकेत देता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों और पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखना भी उसकी जिम्मेदारी में शामिल था। यह भी पढ़ें- पीएम आवास योजना से बने मकान को बना रखा था नक्सलियों ने डेरा, अनीता, मंगल और मालती भाग निकले किसी भी प्रकार की आशंका होने...