वाराणसी, मार्च 16 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। गीत-संगीत से सजी शाम के साथ टेक्नेक्स के मौजूदा संस्करण को विदाई दी गई। आईआईटी बीएचयू के एडीवी ग्राउंड का कोना- कोना रविवार को उत्साही युवाओं की जमात से भरा रहा। दर्शन ने भी इन युवाओं को जरा भी निराश नहीं किया। गीतों के माध्यम से कभी अपनी तो कभी युवाओं की कहानी बयां करते रहे।उनके हर गीत पर युवा टेक्नोक्रेट्स जीभर कर झूमते-नाचते नजर आए। दर्शन ने संगीतमय सफर की शुरुआत अपनी निजी जिंदगी से जुड़े उस गीत से की जिसे उन्होंने अपनी होने वाली पत्नी के लिए लिखा और गाया था। वह गीत पसंद आने पर ही उनकी शादी हुई। यह किस्सा सुनाने के बाद दर्शन ने 'कोई लफ़्ज़ ही नहीं इस दुनिया में, कर दे जो ये बयां, तू क्या है मेरे लिएा, मैंने मांगा था रब से....' गीत गुनगुना शुरू किया। पहले ही गीत से जो महौल बना वह गीत दर गीत...
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