बरेली, मार्च 29 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। विंडरमेयर में शनिवार को नाटक पापा पेंटर का मंचन किया गया। यह नाटक नब्बे के दशक में राजस्थान के छोटे से गांव से पलायन करके शहर आए परिवार की कहानी है। परंपराओं से जुड़े पिता और बड़े शहर में पले-बढ़े बेटे के बीच बहुत कुछ अनकहा रह जाता है, जिसे पापा पेंटर नाम का नाटक आवाज देता है। नाटक ने दर्शकों को भावुक कर दिया। दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश्वर सिंह ने बताया कि नाटक का मंचन मुंबई की उजागर ड्रामाटिक एसोसिएशन की तरफ से किया गया। नाटक विजय अशोक शर्मा ने लिखा है और इसके एकल अभिनेता भी वही हैं। दूरदर्शन, शक्तिमान, साइकिल की घंटी और राशन कार्ड जैसे इशारों का खूबसूरत इस्तेमाल करता यह नाटक दर्शकों को नब्बे के दशक तक ले जाता है। हिंदी और राजस्थानी की बुनावट गांव से गुवाहाटी और फिर वहां से ब...