दर्द की हर दस्तक पर खुला रहता है डॉक्टरों का दरवाजा
कुशीनगर, जुलाई 1 -- पडरौना, निज संवाददाता। यह भी पढ़ें- डाक्टर्स डे पर विशेष: संघर्षों के बीच बने डाक्टर, मरीजों की सेवा ही जीवन का मकसद अस्पताल की दहलीज पर कदम रखते ही हर मरीज अपने दर्द के साथ एक उम्मीद भी लेकर आता है। उम्मीद जल्द स्वस्थ होने की और भरोसा उस डॉक्टर पर, जिसके हाथों में उसकी जिंदगी की राहत छिपी होती है। अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर्स डे पर कुशीनगर स्वशासी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच खान और डॉ. गजेंद्र शर्मा ऐसे चिकित्सकों के रूप में सामने आए हैं, जिनके लिए चिकित्सा पेशा नहीं, सेवा का संकल्प भी है। तीनों डॉक्टर प्रतिदिन तय समय से अस्पताल पहुंचकर वार्ड और ओपीडी में मरीजों की सेवा में जुट जाते हैं। सैकड़ों मरीजों की भीड़ के बावजूद हर व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनना, उसकी पीड़ा को समझ...
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