दरभंगा, मार्च 17 -- बिरौल। सुपौल बाजार स्थित कबीर विद्यापीठ परिसर में सोमवार को संत सम्राट कबीर के विचारों पर आधारित 43वें वार्षिक विराट दो दिवसीय संत सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।उद्घाटन रोसड़ा मठ के आचार्य महंत विद्यानंद शास्त्री ने किया। उन्होंने कहा कि संत सम्राट सदेगुरु कबीर के मार्गदर्शन के अनुसार प्रत्येक मानव को अपने दैनिक जीवन के कार्यों के दौरान ही परमात्मा की आराधना करनी चाहिए। सच्चे मन से किए गए कर्म ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। यदि मनुष्य अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करता है तो वही उसके जीवन को सफल और सार्थक बनाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकतर लोग केवल अपने स्वार्थ और धन अर्जित करने में ही लगे हुए हैं। ऐसे में संतों की शिक्षा मानव समाज को सही दिशा देती है।महात्मा राम दास ने कहा कि जिस उम्र में लोगों को परमात्मा की भ...