बरेली, जुलाई 2 -- दरगाह आला हजरत से जुड़े मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के प्रिंसिपल मुफ्ती अकिल रजवी द्वारा किए जा रहे बुखारी शरीफ के उर्दू अनुवाद की 10वीं जिल्द का विमोचन उर्स-ए-नूरी की महफिल में किया गया। इस मौके पर देशभर से आए उलेमा की मौजूदगी में दरगाह सरपरस्त सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने पुस्तक का विमोचन किया। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि पुस्तक का नाम इमदाद-उल-कारी रखा गया है। क़ुरआन-ए-पाक के बाद इस्लाम में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली हदीस की पुस्तक बुखारी शरीफ के उर्दू अनुवाद का कार्य मुफ्ती अकिल रजवी पिछले पांच वर्षों से कर रहे हैं। इस अनुवाद से उलेमा, छात्रों और अवाम को बुखारी शरीफ की हदीसों को समझने में काफी सुविधा मिलेगी। आगामी उर्स-ए-रजवी तक 11वीं जिल्द का कार्य पूरा होने की संभावना है। विमोचन समारोह...