हाजीपुर, मार्च 2 -- भगवानपुर। सं.सू. सोख्ता टंकी में घुसकर सभी का रेस्क्यू करने वाले दमकलकर्मियों ने बातचीत के दौरान बताय कि करीब 15 फीट गढ्ढा था। सोख्ता का निर्माण घर बनने के समय ही किया गया था। सोख्ता टंकी के अंदर ही बनी है। सोख्ता से पानी निकालने के दौरान ही सबसे पहले मृत आनंद कुमार के पुत्र प्रियांश कुमार का पैर स्लिप कर गया और सोख्ता टंकी में गिर गया। दरअसरल सेप्टिक टैंक (सोख्ता टंकी) में मिथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें मौजूद होती हैं। इसमें मिथेन गैस तो काफी तीव्र गंध वाली है। यह सीधे दिमाग पर असर डालती है, जिससे संपर्क में आने वाला व्यक्ति बेहोश हो जाता है। प्रियांश को बचाने के लिए पिता आनंद कुमार, चाचा पंकज कुमार एवं राहुल कुमार बारी-बारी से टंकी में उतरे और जहरीली गैस के संपर्क में आकर...