नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने एक महिला की याचिका पर केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) से जवाब मांगा है। याचिका में महिला ने अपने 14 वर्षीय दत्तक पुत्र की कस्टडी वापस लौटाने का अनुरोध किया है। महिला का कहना है कि उसने अपने पति के साथ 2018 में कारा के माध्यम से इस बच्चे को गोद लिया था। उसे बाद में पता चला कि किशोर मानसिक रूप से दिव्यांग है। उसने दावा किया कि बच्चे ने आक्रामकता और चोरी सहित अनुचित व्यवहार किया। जब उसको पैसे नहीं दिए जाते थे तो वह हिंसक हो जाता था। उसे कई स्कूलों से भी निकाल दिया गया। उसने बताया कि 2021 में उसके पति की मृत्यु हो गई। इस स्थिति में उसके लिए उसकी देखभाल करना संभव नहीं रह गया है, इसलिए वह बच्चे को वापस लौटाना चाहती है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने केन्द्र सरकार, कारा,...