नई दिल्ली, अप्रैल 26 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। दुनिया में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थितियों का असर क्षेत्रीय संगठनों को भी प्रभावित कर रहा है। पहले दक्षेस, फिर क्वाड के बाद अब ब्रिक्स का भविष्य भी खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। ब्रिक्स की अध्यक्षता अभी भारत के पास है। 14-15 जून को विदेश मंत्रियों का सम्मेलन बुलाया गया है। इसके बाद सितंबर में ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों का सम्मेलन होना है लेकिन जिस प्रकार ईरान के मुद्दे पर ब्रिक्स के देश बंटे हुए हैं, उससे विदेश मंत्रियों के सम्मेलन के विफल होने का अंदेशा पैदा हो गया है, जो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को भी प्रभावित कर सकता है।ब्रिक्स यह भी पढ़ें- डीपी:1:ईरान पैकेज::ईरान के विदेश मंत्री बिना वार्ता पाक से निकले के मौजूदा 11 सदस्यों में ईरान भी है। वह चाहता है कि अमेरिकी हमले की निंदा ब्रिक्स ...
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