वाराणसी, अप्रैल 26 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आदि शंकराचार्य द्वारा ढाई हजार साल पहले काशी में स्थापित दक्षिणामूर्ति मठ में जगत जननी भगवती जानकी की जयंती शनिवार को पहली बार मनाई गई। काशी के इस अति प्राचीन मठ के कायाकल्प के बाद पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती द्वारा निर्दिष्ट विधान से माता जानकी का पूजन-अर्चन किया गया। शंकराचार्य महाराज के निजी सचिव स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वती ने रामदरबार के चित्र का विधान पूर्वक पूजन किया। इसके बाद सभी उपस्थित भक्तों ने श्रीराम चरित मानस की पंक्तियों 'जनक सुता जग जननी जानकी, अतिशय प्रिय करुणा निधान की, ताके पद युग कमल मनावऊ, जासु कृपा निर्मल मति पावऊं' का समवेत 108 बार पाठ किया। यह भी पढ़ें- संगीत की धुन पर जानकी प्रकाट्योत्सव की सजाई झांकी अपने आशीर्वचन में दंडी संन्यासी...
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