लखनऊ, जून 11 -- केजीएमयू दंत संकाय के नए भवन निर्माण को लेकर विवाद बढ़ गया है। दंत संकाय से जुड़े शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि जिस बड़े भूखंड पर आधुनिक बहुमंजिला भवन प्रस्तावित था, अब उसके क्षेत्रफल में कटौती कर दी गई है। इससे फैकल्टी के स्थायी रूप से दो हिस्सों में बंटने की आशंका जताई जा रही है। सामाजिक चेतना फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। फाउंडेशन का आरोप है कि दंत संकाय के लिए पहले करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि में भवन निर्माण की योजना बनाई गई थी, लेकिन बाद में जमीन का क्षेत्रफल कम कर दिया गया। शिक्षकों का कहना है कि दंत संकाय के अलग-अलग हिस्सों में संचालित होने से अभी की तरह भविष्य में भी मरीजों, छात्रों और डॉक्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्लीनिकल सेवाएं, पढ़ाई, शोध...