नई दिल्ली, फरवरी 22 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी जिला अदालत ने 2008 में केशोपुर डिपो के पास डीटीसी बस में हुए तोड़फोड़ और मारपीट मामले में पांच आरोपियों को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषभ कपूर ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में संदेह से परे सफल नहीं हो सका। बस चालक, कंडक्टर और अन्य यात्री आरोपियों की पहचान नहीं कर सके। अदालत ने जांच में खामियों और सालों बाद की पहचान को भरोसेमंद न मानते हुए संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को निर्दोष करार दिया।
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