थोक में 60 फीसदी सस्ती दवा, मरीजों पर पूरी एमआरपी का बोझ
लखनऊ, अक्टूबर 3 -- निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में मरीजों को दवाएं किस कीमत पर मिल रही हैं, इसे लेकर चल रही जांच में खरीद और बिक्री के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। औषधि निरीक्षकों की पड़ताल में कुछ अस्पतालों द्वारा थोक दवा विक्रेताओं से दवाएं एमआरपी से करीब 60 फीसदी तक कम कीमत पर खरीदे जाने की जानकारी मिली है। खरीद के बिल-वाउचर में भी दवाओं की कम कीमत दर्ज है। जबकि मरीजों से इन्हीं दवाओं की पूरी एमआरपी वसूली जा रही। 30 सितंबर और पहली अक्तूबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) के 26 ड्रग इंस्पेक्टर की टीमों ने लखनऊ के 12 निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में औचक निरीक्षण किया। टीमों ने दवाओं के खरीद बिल, स्टॉक, बिक्री बीजक और मरीजों से वसूली गई कीमत का मिलान शुरू किया है। खासतौर पर यह देखा जा रहा है कि अस्पताल ने जिस कीमत पर दवा खरीदी,...
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