नई दिल्ली, मई 14 -- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब भारत की थोक महंगाई पर भी साफ दिखने लगा है। अप्रैल 2026 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई दर बढ़कर 8.30 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछले 42 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। मार्च में यह दर 3.88 प्रतिशत थी। यानी सिर्फ एक महीने में इनमें दोगुना उछाल आया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2022 (8.39 प्रतिशत) के बाद पहली बार थोक महंगाई आठ फीसदी के पार दर्ज की गई है। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ईंधन और बिजली की कीमतों में तेजी रही। यह भी पढ़ें- अप्रैल में रॉकेट की रफ्तार से बढ़ी थोक महंगाई, ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन अप्रैल में इस श्रेणी की महंगाई दर 24.71 प्रतिशत रही, जबकि मार्च में यह सिर्फ ...