गोरखपुर, मई 4 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में थैलेसीमिया की जांच की नई तकनीक पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें डॉक्टरों, छात्रों और लैब तकनीशियन शामिल हुए। पैथोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश राय ने बताया कि देश में खून की कमी (एनीमिया) एक बड़ी समस्या है। देश की आधी से अधिक आबादी किसी न किसी तरह की खून की कमी से जूझ रही है, खासकर बच्चे और महिलाएं। हर साल दस से बारह हजार बच्चे थैलेसीमिया मेजर की बीमारी के साथ जन्म लेते हैं। ढाई से पांच फीसदी तक लोग किसी न किसी हीमोग्लोबिन बीमारी के वाहक हो सकते हैं। ऐसे में हाई परफार्मेंस लिक्विड क्रोमेटोग्राफी (एचपीएलसी) जैसी जांच एक महत्वपूर्ण हथियार बन सकता है। यह भी पढ़ें- थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन प्राचार्य डॉक्टर रामकुमार जयसवाल ने कहा कि थैलेसीमिया आन...
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