पीलीभीत, अगस्त 7 -- पीलीभीत। नए पर्यटन सत्र में सैलानियों के लिए होने वाली नई व्यवस्थाओं के बीच वन्यजीवों के उपचार और उनके व्यवहार समेत अन्य अध्ययन के लिए नई व्यवस्था में अमल में आने जा रही है। रेसक्यू सेंटर में त्रिस्तरीय व्यवस्था कर दी गई है। जहां बीमार और बिगडैल बाघों का उपचार किया जाएगा। बाघ और तेंदुए को रखे जाने के लिए इंतजाम मुकम्मल कर दिया गया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अंतर्गत पूरनपुर की बीट गोपालपुर में 14 करोड़ की लागत से रेसक्यू सेंटर का निर्माण किया गया है। यहां पर बाघों व तेंदुए को रखा जाएगा। इसमें ऐसे वन्यजीव रहेंगे कि जो अपनी आदतों के कारण असामान्य पाए जाएंगे। बार बार जंगल की हद लांघने वाले, हमला करने वाले, बीमार अथवा अन्य असामान्य व्यवहार करने वाले बाघ और तेंदुओं का उपचार किया जाएगा। इसके लिए ऊंची ऊंची फेसिंग कर बाड़े बना...