त्रासदी: जर्जर बांध पर बेबस जिंदगी
बगहा, अक्टूबर 4 -- बगहा। बाढ़ का पानी भले ही कई इलाकों से उतरने लगा हो, लेकिन अपने पीछे तबाही और बेबसी की ऐसी तस्वीर छोड़ गया है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल उठे। पश्चिम चंपारण में बाढ़ से विस्थापित दर्जनों परिवार अब भी खुले आसमान के नीचे जिंदगी काटने को मजबूर हैं। कहीं सड़क किनारे प्लास्टिक तानकर परिवार बसे हैं तो कहीं जर्जर तटबंध ही उनका सहारा बना हुआ है। घर उजड़ चुके हैं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी इन परिवारों को संघर्ष करना पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- घरों में गंडक का पानी, तटबंध पर बैठकर गुजार रहे रातबाढ़ के बाद की स्थिति भितहा के सेमरबारी और मधुबनी के रिवहिया इलाके में बाढ़ के बाद हालात बेहद खराब हैं। बाढ़ और कटान की चपेट में आए परिवारों के पास फिलहाल सिर छिपाने के लिए प्लास्टिक की चादर के अलावा कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। छोटे-छोटे बच्चो...
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