नई दिल्ली, अगस्त 20 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें देश की महंगाई के लिए नई चिंता बनकर उभर रही हैं। पिछले एक साल में खाद्य तेल की कीमतों में 12-15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले त्योहार और शादी के मौसम में मांग बढ़ने से भी खाद्य तेल की कीमतों पर दबाव बने रहने की आशंका है। नई फसल आने तक (नवंबर तक) कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। वैश्विक बाजार में ऊंची कीमतों, माल ढुलाई की बढ़ती लागत और रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में तेल महंगा हुआ है। भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरत का करीब 60 फीसदी आयात करता है। ऐसे में घरेलू बाजार की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर पड़ता है। इसलिए निकट अवधि में खाद्य तेल की कीमतें घरेलू तिलहन की बुवाई से ज्यादा अंत...