नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- जी ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा की निजी दिवालिया प्रक्रिया से जुड़े मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 25 अगस्त को दिए गए फैसले पर रोक लगा दी है। NCLT की पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि पिछले फैसले को लेकर स्पष्ट बहुमत नहीं बन पाया था। अब मामले की नए सिरे से सुनवाई होगी। पीठ ने इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। साथ ही सुभाष चंद्रा को किसी भी संपत्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दूसरे के नाम करने या उससे अलग करने से भी रोक दिया गया है।पांच सदस्यीय पीठ ने क्या कहा? बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, NCLT की पांच सदस्यीय पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल, न्यायिक सदस्य बचू वेंकट बालराम दास और महेंद्र खंडेलवाल तथा तकनीकी सदस्य अतुल चतुर्वेदी और रवींद्र चतुर्...