रांची, अगस्त 20 -- झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के हेमंत सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद बीते 26 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तगड़ा झटका लगा है।फैसले से प्रभावित सफल अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के फैसले पर जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह छात्रों के साथ धोखा है और कहा है कि हमारे 26 दिन खराब कर दिए गए हैं।वकील की चुप्पी पर उठाए सवाल छात्र नेता ने कहा 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच बीते 26 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है लेकिन इसके बदल में हमें मिला क्या? अगर मिला है तो सिर्फ धोखा और आज ये प्रतीत...