तोड़ के शिवजी धनुष राम सियाजी को ब्याह लाए. . .
आगरा, जून 20 -- कस्बा के माता शीतला देवी मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया गया। सीता स्वयंवर की झांकी भी सजाई गई। महिला श्रद्धालुओं ने कन्यादान लेकर पुण्य कमाया। व्यास पीठ से कथा का रसपान कराते हुए आचार्य गौरव कृष्ण पांडेय ने कहा कि भगवान शिव का दिव्य धनुष केवल शारीरिक बल से नहीं, बल्कि अहंकार की मुक्ति, विनम्रता और अनन्य प्रेम से ही उठाया जा सकता था। प्रभु श्री राम ने अपनी विनम्रता और गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर जैसे ही धनुष को उठाया, वह भंग हो गया। इसके बाद माता सीता ने श्री राम को वरमाला पहनाई। यह भी पढ़ें- अहिल्या उद्धार की कथा का कराया रसपान सीता स्वयंवर की झांकी भी प्रस्तुत की गई, इस पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। पूरा पांडाल प्रभु राम के जयकारों से गूंज उठा।...
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