गुड़गांव, अगस्त 23 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को केवल अधिकारियों की औपचारिक विजिट तक सीमित रखने के बजाय अब उसे स्कूल की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की तैयारी है। नई व्यवस्था में स्कूल में आने वाले अधिकारी, जनप्रतिनिधि या अन्य विजिटर बुक में सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज करके नहीं लौटेंगे, बल्कि स्कूल में क्या बेहतर है, कहां कमी है और किस सुविधा में सुधार की जरूरत है, इसका सुझाव भी दर्ज कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्कूल की समस्याओं का फीडबैक एक जगह जमा होता रहेगा और समय के साथ यह स्कूल की जरूरतों का स्थानीय रिकॉर्ड बन सकेगा।

नई प्रणाली का महत्व गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते जिले में इसका महत्व और बढ़ जाता है। जिले में करीब 570 सरकारी स्कूल हैं और इनमें प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक के विद्यालय...