नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फेल होने के बाद पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल फिर मंडराने लगे हैं। होर्मुज के खुलने को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। एक तरफ अमेरिका कह रहा है कि वह होर्मुज समेत ईरान के कई पोर्ट की नाकेबंदी कर देगा। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के सहयोगियों के जहाज किसी कीमत पर पास नहीं होने देगा। ईरान की संसद में होर्मुज में टोल वसूलने का भी कानून मंजूर हो गया है। अब बात करें भारत की तो ईरान ने भारत के जहाजों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाया है। युद्ध शुरू होने के बाद कई टैंकर भारत पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद अब पहले वाली बात नहीं है। तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है और इस वजह से पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। आइए जानते हैं कि तेल के अतिरिक्त...
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