वाराणसी, मार्च 21 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। ईरान युद्ध से उपजा गैस संकट गहराता जा रहा है। पैकेजिंग इकाइयों के अलावा ऐसे कारखाने जहां मुख्य ईंधन के रूप में पीएनजी के अलावा एलपीजी, कोयला आदि इस्तेमाल होता है, वहां भी उत्पादन 50-60 प्रतिशत गिर गया है। इन फैक्टरियों में मुश्किल से एक शिफ्ट चल पा रही है। इसका करीब तीन हजार कामगारों पर सीधा असर पड़ा है। इन मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। यदि युद्ध लंबा खिंचा तो उनके सामने रोजगार का संकट भी हो सकता है।कच्चे माल की कीमतें बढ़ने, आपूर्ति कम होने, उत्पादन प्रक्रिया में गैस सिलेंडर के अभाव से फैक्टरियों का संचालन प्रभावित हो गया है। रामनगर, चांदपुर, करखियांव औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा अन्य इलाकों में छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर जबरदस्त प्रभाव पड़ा है। पैकेजिंग इकाइयों के अलावा औद्योगिक क्षेत्...