नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से पूरी दुनिया का अर्थव्यवस्था हिल गई है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट की मानें तो अब कई देश मिलकर वैकल्पिक रास्ते पर विचार कर रहे हैं। कई देशों के अधिकारियों और उद्योगपतियों का मानना है कि पाइपलाइन्स और अन्य ट्रांसपोर्ट लिंक के जरिे तेल का आयात निर्यात करना ही भविष्य में इस तरह के संकट से बचने का रास्ता है। इस चर्चा में प्रस्तावित इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) एक बड़ा विकल्प हो सकता है। इससे भारत भी मध्य एशिया के रास्ते यूरोप से सीधा जुड़ जाएगा।बाइपास चाहते हैं खाड़ी देश इस युद्ध के बीच खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था भी लड़खड़ा गई है। लंबे समय से तेल के आयात निर्यात के लिए होर्मुज का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही रास्ता आज ऊर्चा संकट का माध्यम बन गया है। ...