छपरा, अप्रैल 16 -- याचिका स्वीकार, 22 जुलाई को अगली तिथि छपरा, एक संवाददाता।तेल नदी के प्रवाह मार्ग में अवरोध और अतिक्रमण व गम्हरिया, भटकेसरी और मंगोलापुर स्थित तीन आर्द्रभूमियों के पुनर्स्थापन को लेकर दायर याचिका पर आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई हुई। वेटरंस फोरम फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ द्वारा दायर इस वाद में नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह में बाधा और आर्द्रभूमियों के जल प्रवेश व निकासी मार्ग अवरुद्ध होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। याचिकाकर्ता डॉ. बीएनपी सिंह ने बताया कि तेल नदी के प्रवाह में अवरोध जल प्रदूषण निवारण व नियंत्रण अधिनियम, 1974 का उल्लंघन है जबकि आर्द्रभूमियों से जुड़े मामले पर्यावरण संरक्षण नियमों के खिलाफ हैं। यह भी पढ़ें- गंगा के फ्लड प्लेन क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि पर जैव विविधता पार्क विकसित होग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.