फरीदाबाद, मार्च 5 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। ईरान-इजरायल युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका असर अब भारत के उद्योग जगत पर भी दिखने की आशंका है। उद्योगपतियों का मानना है कि यदि ताजा हालातों में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर उद्योगों की उत्पादन लागत, माल ढुलाई और बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। इससे निर्यात में भी व्यवधान आ सकता है। उद्योगपतियों का कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले यदि तेल के दाम बढ़ते हैं तो इसका असर उत्पादन से लेकर बाजार तक हर स्तर पर देखने को मिलेगा। उद्योगों में कच्चा माल लाने और तैयार माल को बाजार तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट का बड़ा खर्च होता है, जो सीधे तौर पर डीजल और पेट्रोल की कीमतों पर निर्भर करता है। उद्योगपतियों के अनुसार अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो...