तेरे चरणों की रज मैया, मेरे माथे का चंदन है
मुजफ्फर नगर, मई 11 -- मुजफ्फरनगर। मातृ दिवस पर स्त्री संचेतना साहित्यिक संस्था द्वारा इंदु राठी के आवास पर एक भावपूर्ण काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन और सुशीला शर्मा द्वारा प्रस्तुत मधुर शारदे वंदना से हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता सुशीला शर्मा ने की। इस अवसर पर कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मातृत्व की महिमा और त्याग का सुंदर चित्रण किया। अध्यक्षीय संबोधन में सुशीला शर्मा ने पंक्तियां पढ़ीं- जन्म दिया फिर पाला पोसा, बड़ा अनूठा यह बंधन है। तेरे चरणों की रज मैया, मेरे माथे का चंदन है। आयोजक इंदु राठी ने गीत के माध्यम से मां के संस्कारों को याद किया।गोष्ठी यह भी पढ़ें- काव्य गोष्ठी में मातृत्व शक्ति को नमन में नेहा कौशिक ने मां की ममता, सीमा मलिक ने मां को जीवन की पहली सखी और सुनीता सो...
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