ललितपुर, अप्रैल 2 -- साम्प्रदायिक सौहार्द और कौमी एकता के प्रतीक महान सूफी संत हजरत बाबा सदनशाह रहमतुल्लाह अलैह का 108वां सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। इसके दूसरे दिन हजारों की संख्या में जायरीन ने बाबा के आस्ताने पर हाजिरी दी और मखमली चादर पेश कर अपनी खुशहाली के लिए दुआ मांगी। यहां देर रात तक कव्वाली की महफिल जमी रही। उर्स के दौरान बीती रात सूफियाना कलामों के नाम रही। उर्स कमेटी के संरक्षक गुड्डू राजा बुंदेला और शशिभूषण सिंह बुंदेला ने सैकड़ों समर्थकों के साथ परम्परागत चादर पोशी से हुई, जिसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। महफिल-ए-कव्वाली में मशहूर कव्वाल जुनैद सुल्तानी ने अपनी मखमली आवाज से जायरीनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम का आरम्भ अल्लाह की शान में हम्द से किया। जिसके बोल 'तेरी महफ़लि में जो भी आता...
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