रांची, अप्रैल 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने दामोदर नदी तथा उसकी सहयोगी कंटेल नदी और आसपास की उपजाऊ भूमि में तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट से हो रहे प्रदूषण को गंभीरता से लिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने कहा कि पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। सुनवाई के दौरान प्लांट प्रबंधन की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि उत्सर्जन के नियंत्रण और समायोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। अब प्लांट से निकलने वाले अवशेष न तो आसपास के क्षेत्रों में गिराए जाएंगे और न ही नदियों में छोड़े जाएंगे। प्लांट प्रबंधन के आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी कि यदि भविष...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.