महोबा, अप्रैल 30 -- महोबा, संवाददाता। गर्मी के मौसम में श्रमिकों को काम के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में एक मात्र आल्हा चौक में वर्षो से मजदूर सुबह से पहुंच जाते है। मगर यहां न तो श्रमिकों के बैठने के लिए छायादान है और न ही पानी के लिए कोई व्यवस्था है। दुकानों के आस पास और पार्क किनारे खड़े होकर श्रमिक काम के लिए लोगों की राह निहारते है। कई श्रमिक काम न मिलने पर बैरंग लौट जाते है। गांव स्तर पर श्रमिकों को काम मिलने के लिए विकसित भारत जीराम जी योजना संचालित है मगर समय से भुगतान आदि न मिलने और नियमित काम न मिलने के कारण श्रमिक प्राइवेट काम करने के लिए चौक पर पहुंच जाते है। यह भी पढ़ें- मजदूरों को पता नहीं क्या होता है मजदूर दिवस वर्षो से आल्हा चौक पर श्रमिकों की मंडी सजती हैजहां से लोग काम के लिए श्रमिकों को ले जाते है। य...