आगरा, फरवरी 17 -- बज़्म ए शरार संस्था ने शहर के बिलराम गेट धान मिल रोड पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा कराया। मुशायरे का आयोजन शायर अब्दुल क़दीर ज़िया ने कराया। मुशायरे की अध्यक्षता जब्बार अहमद ने की। इस दौरान जिलेभर के शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश किए। मुशायरे के दौरान शायर तौसीफ अहमद ने पढ़ा कि उनके अहसान जब याद आने लगे आंख भर आई और मुस्कुराने लगे। लारेब खान ने पढ़ा कि मैं भाई के खुलूस पे क्या तब्सिरा करूं, आंगन में जो खड़ी है वो दीवार देख ले। नाजिम ने पढ़ा कि गुलिस्तां के दुश्मन खिजां चाहते हैं। हसनैन शाद ने पढ़ा कि अपने मां बाप से बेटी हुई जिस दम रुखसत, हर इक शख्स की पलकों पे हैं आए आंसू। वफा उझानवी ने पढ़ा कि देखा मुझको तो दौड़ कर आए। मुहम्मद उमर काविश ने पढ़ा कि जीतेगा जंग कौन न मुझसे सवाल कर, तू देख ले हवाओं में सिक्का उछाल कर। अजय अटल ने...
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