नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- अक्टूबर का आरंभ थोड़ा चढ़ाई जैसा लग सकता है। नकदी की तंगी, अटका काम और भावुक बातचीत एक साथ आएं तो काम छोटे हिस्सों में बांटें। पिता या किसी बड़े की सलाह और सीमित यात्रा नई दृष्टि दे सकती है। दूसरे सप्ताह में काम की भूमिका बदलने की चर्चा हो सकती है, पर जिम्मेदारी समझे बिना हां न कहें। तीसरे सप्ताह में परिचित लोग आपकी राय सुनना चाहेंगे। अंतिम दिनों में बच्चों, घर और साझेदारी पर चर्चा बेहतर माहौल में हो सकती है। शनि पूरे अक्टूबर मीन राशि में आपके छठे भाव में वक्री रहेगा। इससे दिनचर्या, काम के दबाव और बकाये से जुड़े पुराने विषय फिर सामने आ सकते हैं। कोई देरी आए तो उसे स्थायी रुकावट न मानें। काम की वजह, समय सीमा और अपनी भूमिका अलग-अलग समझें। काम और आराम की सीमा बनाएं। पुराने भुगतान या दस्तावेज को धीरे-धीरे निपटाएं। राह...