नई दिल्ली, अगस्त 18 -- हिंदू धर्म में चातुर्मास के चार माह भक्ति, तपस्या और आत्म-साधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। अभी चातुर्मास चल रहा है और इसकी समाप्ति 20 नवम्बर 2026 को होगी। इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं फिर भी यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चातुर्मास में पूजा-पाठ के साथ प्रकृति और पेड़-पौधों के प्रति सम्मान का भी विशेष महत्व बताया गया है। वर्षा ऋतु में प्रकृति तेजी से विकसित होती है, इसलिए पौधों की सेवा और उनकी पूजा पुण्यदायी मानी जाती है। कुछ पौधे ऐसे हैं जिन्हें इस दौरान पूजना शुभ और फलदायी होता है।तुलसी की पूजा का महत्व तुलसी को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की अत्यंत प्रिय माना जाता है। चातुर्मास में तुलसी के पौधे की नियमित पूजा से घर में सुख-समृद्धि और पवित्रता आती है। रोज...